कोलकाता , मार्च 11 -- श्री आर एन रवि गुरुवार को पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल के रूप में शपथ लेंगे।

शपथ ग्रहण समारोह यहां लोक भवन में आयोजित किया जाएगा।

राज्य सरकार ने बुधवार को समारोह के कार्यक्रम की पुष्टि की।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस अवसर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद रहेंगी। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुवेंदु अधिकारी को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी समारोह में शामिल होने की संभावना है।

श्री रवि की नियुक्ति पश्चिम बंगाल के स्थायी राज्यपाल के रूप में उस समय हुई है जब पूर्व राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने इस सप्ताह की शुरुआत में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। वह इससे पहले तमिलनाडु के राज्यपाल के रूप में कार्यरत थे। तमिलनाडु में अपने कार्यकाल के दौरान श्री रवि का मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन और उनकी पार्टी द्रमुक के साथ कई बार टकराव देखने को मिला। खासकर विधेयकों को मंजूरी देने के मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच कई बार सार्वजनिक मतभेद सामने आए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि तमिलनाडु सरकार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राज्यपाल को हटाने की मांग तक कर दी थी।

इस बीच पश्चिम बंगाल में श्री बोस के अचानक इस्तीफे के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह इस घटनाक्रम से "हैरान और चिंतित" हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें श्री बोस के इस्तीफे के कारणों की जानकारी नहीं है, लेकिन संकेत दिया कि यह कदम राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक कारणों से जुड़ा हो सकता है।

सुश्री ममता बनर्जी ने यह भी सुझाव दिया कि संभव है कि पूर्व राज्यपाल पर केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से दबाव रहा हो, हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मंगलवार शाम मुख्यमंत्री ने शहर में अपना धरना समाप्त करने के बाद श्री बोस से राज्य अतिथि गृह में मुलाकात की। इसे शिष्टाचार भेंट बताते हुए उन्होंने कहा कि श्री बोस के साथ अनुचित व्यवहार हुआ है और उनके हटाए जाने की परिस्थितियां "राजनीतिक रूप से प्रेरित" प्रतीत होती हैं।

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