भोपाल , मई 25 -- मध्यप्रदेश के रीवा में सड़क दुर्घटना में दो आर्यिका माताओं की मृत्यु के विरोध में भोपाल में जैन समाज ने मौन रैली निकालकर आक्रोश व्यक्त किया और मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की।
जैन समाज और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने घटना को सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे सुनियोजित साजिश बताया। समाजजनों ने कहा कि रीवा में 20 मई को कलेक्ट्रेट और सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पास पूज्य आचार्य विद्यासागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका श्रुतमती माताजी और आर्यिका उपशममती माताजी को तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि उपलब्ध वीडियो फुटेज इस घटना को सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि जानबूझकर की गई हिंसक वारदात साबित करते हैं। उनका कहना है कि पैदल विहार कर रही निहत्थी संतों को निशाना बनाकर वाहन चालक ने टक्कर मारी और बाद में फरार हो गया।
राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ और अन्य जैन संगठनों ने संयुक्त रूप से जारी वक्तव्य में कहा कि यह घटना केवल दो संतों की मृत्यु नहीं बल्कि जैन धर्म के मूल सिद्धांत अहिंसा पर सीधा हमला है। समाज ने चेतावनी दी कि दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
जैन समाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्यप्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए पूरे प्रकरण की एसआईटी अथवा न्यायिक आयोग से जांच कराने, सीसीटीवी एवं डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, आरोपियों पर हत्या की धारा के तहत कार्रवाई करने तथा देशभर में संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि जैन साधु-संत पूरी तरह निहत्थे और पैदल जीवन व्यतीत करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है। समाज ने कहा कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो जेल भरो आंदोलन, चक्का जाम और भारत बंद जैसे कदम उठाए जाएंगे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित