पटना , अगस्त 01 -- आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी (एकेयू), पटना ने उच्च शिक्षा, सार्वजनिक नीति एवं शहरी प्रशासन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बिहार का पहला 'स्कूल ऑफ अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेंस' स्थापित करने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) शरद कुमार यादव ने कहा कि यह विश्वविद्यालय राज्य में पहली बार अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेंस विषय में एम.ए./एम.एससी. स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम भी प्रारम्भ करेगा।
श्री यादव ने कहा कि यह कार्यक्रम भारत सरकार की एक महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य देश में शहरी शासन, सतत् शहरी विकास , संस्थागत क्षमता निर्माण तथा साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को सुदृढ़ करना है।
कुलपति ने कहा कि देश में तीव्र गति से हो रहे शहरीकरण, नगरों के विस्तार, आधारभूत संरचना के विकास, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल प्रशासन तथा नागरिक सेवाओं की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए ऐसे प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन की आवश्यकता महसूस की जा रही है, जो आधुनिक शहरी प्रशासन की जटिलताओं को समझते हुए प्रभावी नीति निर्माण एवं उसके सफल क्रियान्वयन में योगदान दे सके। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी ने यह अभिनव एवं दूरदर्शी पहल की है।
श्री यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से स्थापित किया जाने वाला स्कूल ऑफ अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेंस शिक्षा, अनुसंधान, नीति विश्लेषण, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण का उत्कृष्ट केन्द्र होगा। यह स्कूल सार्वजनिक नीति, अर्थशास्त्र, विधि, इंजीनियरिंग, वास्तुकला, पर्यावरण विज्ञान, प्रबंधन, भूगोल, डेटा एनालिटिक्स तथा सामाजिक विज्ञान जैसे विभिन्न विषयों के समन्वय से अंतःविषय शिक्षा एवं अनुसंधान को बढ़ावा देगा।
कुलपति ने कहा कि प्रस्तावित एम.ए./एम.एससी. इन अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेंस कार्यक्रम का पाठ्यक्रम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसमें शहरी नीति एवं प्रशासन, नगर निकायों का प्रबंधन, स्मार्ट सिटी, डिजिटल गवर्नेंस, शहरी वित्त, नगर नियोजन, भूमि प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन एवं आपदा प्रबंधन, सतत विकास, सार्वजनिक नीति विश्लेषण, भौगोलिक सूचना प्रणाली , शहरी डेटा विश्लेषण तथा अनुसंधान पद्धति जैसे विषयों का समावेश किया जाएगा।
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