नयी दिल्ली , मई 12 -- आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश की आर्थिक स्थिति का सच देशवासियों के सामने रखने का आग्रह किया ।
श्री केजरीवाल ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, "प्रधानमंत्री ने लोगों से विदेश न जाओ, विदेशी उत्पाद न खरीदो, सोना न खरीदो, पेट्रोल-डीलज की गाड़ी इस्तेमाल न करो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करो और वर्क फ्रॉम होम करो, जैसे 7 कठोर कदम उठाने की अपील की है। इससे साफ है कि देश की अर्थ व्यवस्था का बहुत बुरा हाल है और आने वाले दिनों में और भी बुरा हाल होने वाला है।" उन्होंने सवाल किया कि इन सभी कदमों से सिर्फ मिडिल क्लास ही प्रभावित हो रहा है और आखिर सारी कुर्बानी मिडिल क्लास ही क्यों दे। सरकार, पीएम, मंत्री, उद्योगपति और अफसर अपने खर्चों में कटौती क्यों नहीं कर सकते? हम देश के खातिर कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं, लेकिन चुन कर सिर्फ मिडिल क्लास को टारगेट नहीं किया जाए और देश के साथ सारी जानकारी साझा की जाए।"उन्होंने कहा "प्रधानमंत्री ने कहा है कि देश बहुत आर्थिक संकट से गुजर रहा है। इस वजह से उन्होंने देश के लोगों से सात कठोर कदम उठाने की अपील की है जिसमें वर्क फ्रॉम होम, कम से कम सोना खरीदने, पेट्रोल डीजल की बचत करने, ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने, उर्वरक का कम से कम इस्तेमाल करने, प्राकृतिक कृषि करने, विदेशी उत्पाद कम से कम प्रयोग करने, विदेशी मुद्रा बचाने, खाने के तेल का भी कम से कम इस्तेमाल करने और विदेश यात्रा बंद करना शामिल है।" उन्होंने कहा कि 1950 से अभी तक ऐसे कई समय आए, जब हमारा देश अलग-अलग संकटों से गुजरा। चीन, पाकिस्तान से युद्ध हुआ। हमारा देश आर्थिक मंदी से भी गुजरा। लेकिन इतने कठोर कदम आज तक कभी किसी प्रधानमंत्री ने देशवासियों को उठाने के लिए नहीं कहे।
उन्होंने प्रधानमंत्री ने तीन गुजारिश करते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री ने इतने कठोर कदम उठाने के लिए कहा है तो इसका मतलब देश की अर्थव्यवस्था का काफी बुरा हाल है। साथ ही आने वाले समय में अर्थ व्यवस्था का और भी बुरा हाल होने का अंदेशा है। लिहाजा, प्रधानमंत्री से देश यह जानना चाहता है कि अर्थ व्यवस्था के मामले में हम कहां खड़े हैं? सभी देशवासी देश भक्त हैं। कठोर से कठोर कदम भी उठाएंगे, अगर हमें देश के लिए कठिनाईयां बर्दाश्त करनी पड़ी, कुर्बानियां देनी पड़ी तो वह भी करेंगे, लेकिन देश को यह बात का पता तो चले कि यह कदम क्यों उठाए जा रहे हैं? देश को पता तो चले कि देश की अर्थ व्यवस्था आज कहां खड़ी है? केवल आदेश दे देने भर से तो काम नहीं चलेगा। यह देश हम सब 140 करोड़ लोगों का है।
आप नेता ने प्रधानमंत्री से निवेदन करते हुए कहा कि देश की अर्थ व्यवस्था की वर्तमान स्थिति और आने वाले कुछ महीनों या एक साल में अर्थ व्यवस्था की क्या स्थिति होने का अंदेशा है, इसकी सारी जानकारी देश के लोगों के साथ साझा करें। अन्यथा देश के लोगों में शंका पैदा होती है। देश में अलग-अलग किस्म की अफवाहें फैल रही हैं। आज अफवाहों का बाजार गर्म है। यह अर्थ व्यवस्था के विश्वास के लिए अच्छा नहीं है।
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