बैतूल , जुलाई 23 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आमला में आर्थिक तंगी के कारण उत्तर प्रदेश के एक परिवार के अपने पुत्र का शव पैतृक गांव नहीं ले जा पाने पर स्थानीय सामाजिक संस्था की पहल से युवक का पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार कराया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार 20 जुलाई को जौलखेड़ा रेलवे ट्रैक के पास ट्रेन की चपेट में आने से 22 वर्षीय जीतू कुमार की मौत हो गई थी। हादसे के बाद आमला पुलिस ने शव को सुरक्षित रखकर उसकी शिनाख्त के प्रयास किए। जेब से मिले दस्तावेजों और तकनीकी जांच के आधार पर मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के निवासी के रूप में हुई।
सूचना मिलने पर मृतक के पिता जितेंद्र, माता राजदेवी तथा उसके भाई आमला पहुंचे। परिजनों ने पुलिस को बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे शव को एंबुलेंस से अपने गांव ले जाने का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं।
इसके बाद स्थानीय जनसेवा कल्याण समिति ने अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी संभालते हुए मोक्षधाम में लकड़ी, पूजन सामग्री सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं निशुल्क उपलब्ध कराईं। बुधवार को परिजनों की उपस्थिति में युवक का धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया।
पुलिस ने बताया कि समय रहते मृतक की पहचान हो जाने से परिजनों को सूचना दी जा सकी। सामाजिक संस्था के इस प्रयास की स्थानीय लोगों ने सराहना करते हुए इसे मानवीय संवेदनाओं का उदाहरण बताया।
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