चंडीगढ़ , मई 23 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से केंद्र सरकार को 2.87 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड सरप्लस ट्रांसफर पर गंभीर सवाल उठाए हैं और कहा है कि यदि देश की अर्थव्यवस्था वास्तव में मजबूत है, तो सरकार की आरबीआई के सरप्लस पर बढ़ती निर्भरता चिंता का विषय है।
श्री रंधावा ने शनिवार को अपने बयान में कहा कि यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा डिविडेंड ट्रांसफर है, जो देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति पर कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मजबूत कर संग्रह और बेहतर आर्थिक प्रबंधन के बजाय आरबीआई के सरप्लस और बढ़ते कर्ज के सहारे वित्तीय दबाव को संभालने की कोशिश कर रही है।उन्होंने सवाल किया कि जब सरकार को रिकॉर्ड स्तर का सरप्लस मिल रहा है, तब भी आम लोग महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक परेशानियों से क्यों जूझ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आरबीआई का सरप्लस विदेशी मुद्रा भंडार, बॉन्ड निवेश और करेंसी मैनेजमेंट ऑपरेशनों से होने वाली आय पर आधारित होता है। आरबीआई पहले अपने लिए आकस्मिक रिजर्व सुरक्षित रखता है और उसके बाद बची राशि केंद्र सरकार को ट्रांसफर करता है। उन्होंने चिंता जताई कि लगातार बड़े पैमाने पर सरप्लस ट्रांसफर किए जाने से भविष्य में आरबीआई की वित्तीय सुरक्षा क्षमता प्रभावित हो सकती है।
पंजाब की आम आदमी पार्टी(आप) सरकार पर निशाना साधते हुए श्री रंधावा ने कहा कि भगवंत मान नीत सरकार भी वित्तीय दबाव को संभालने के लिए लगातार कर्ज ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आप की सरकारें दीर्घकालिक आर्थिक सुधारों के बजाय उधार और अस्थायी वित्तीय संसाधनों पर अधिक निर्भर होती जा रही हैं।
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