देहरादून , मई 15 -- उत्तराखंड के सामाजिक संगठन जन संघर्ष मोर्चा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) का दायरा 12वीं कक्षा तक बढ़ाने की मांग करते हुए देहरादून की विकासनगर तहसील पर प्रदर्शन किया। साथ ही प्रधानमंत्री को सम्बोधित एक ज्ञापन मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएम) मोर्चा अध्यक्ष के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि आरटीई के प्रावधानों के तहत आठवीं कक्षा तक निशुल्क शिक्षा मुहैया किए जाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रावधानित है, जो किसी भी सूरत में तर्कसंगत नहीं है। इसे सरकार को आठवीं कक्षा से बढाकर इंटरमीडिएट तक करना चाहिए, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार अपने बच्चों को अच्छी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करा सकें। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ सरकार द्वारा इस प्रावधान के तहत निर्धारित 25 फ़ीसदी कोटा दाखिले के लिए नाकाफी है। इसको बढ़ाकर 35 से 40 फ़ीसदी किए जाने की जरूरत है।
श्री नेगी ने कहा कि इस अधिनियम के तहत गरीब छात्रों को प्राइवेट एवं अन्य स्कूलों में आठवीं कक्षा तक तो नि:शुल्क शिक्षा मुहैया हो जाती है लेकिन आठवीं के पश्चात छात्रों को या तो स्कूल छोड़ना पड़ता है या फिर सरकारी विद्यालयों में दाखिला लेना पड़ता है। जहां पढ़ाई -लिखाई में काफी भिन्नता होती है। जिस कारण उसका भविष्य खराब हो जाता है।
प्रदर्शन में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, विजय राम शर्मा, दिलबाग सिंह, मोहम्मद आरिफ, अनुपम कपिल, हाजी असद, के.सी. चंदेल, अतुल हांडा, संजय गुप्ता, मोहम्मद नसीम, इस्लाम, राजेंद्र पंवार, विक्रम पाल, एमए सिद्दीकी, आरपी भट्ट आदि उपस्थित रहे।
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