चंडीगढ़ , सितंबर 14 -- पंजाब राज्य सूचना आयोग के राज्य सूचना आयुक्त हरप्रीत संधू ने हैदराबाद में आयोजित सूचना आयोगों के राष्ट्रीय सम्मेलन में पंजाब का प्रतिनिधित्व किया।
सम्मेलन का विषय 'आरटीआई के क्रियान्वयन में संचालनात्मक एकरूपता-चुनौतियां और समाधान' था। राष्ट्रीय सम्मेलन में वक्ता के रूप में श्री संधू ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम और सूचना का अधिकार अधिनियम के बीच उभरते संबंधों पर मुख्य वक्तव्य दिया। उन्होंने नागरिकों के सूचना के मौलिक अधिकार, व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा और व्यापक जनहित के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सम्मेलन में भारत के केंद्रीय मुख्य सूचना आयुक्त आर.के. गोयल तथा 25 राज्यों के मुख्य सूचना आयुक्तों और सूचना आयुक्तों समेत सूचना आयोगों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सम्मेलन में आरटीआई कानून के प्रभावी, एकसमान और नागरिक-केंद्रित क्रियान्वयन को मजबूत करने पर विचार-विमर्श हुआ।
श्री संधू ने हैदराबाद स्थित प्रशासनिक स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया में आयोजित नेशनल फेडरेशन ऑफ इंफॉर्मेशन कमीशंस इन इंडिया (एनएफआईसीआई) की 34वीं बोर्ड ऑफ गवर्नर्स बैठक में भी पंजाब का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने पंजाब राज्य सूचना आयोग की ओर से केंद्रीय मुख्य सूचना आयुक्त आर.के. गोयल और तेलंगाना के मुख्य सूचना आयुक्त डॉ. जी. चंद्रशेखर रेड्डी को आधिकारिक स्मृति-चिह्न भेंट किया। इस अवसर पर तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल भी मौजूद थे।
प्रशासनिक स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया, हैदराबाद के महानिदेशक डॉ. एन. रमेश कुमार ने 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में भागीदारी के लिए संधू को तेलंगाना राज्य सूचना आयोग की ओर से सम्मानित किया।
सम्मेलन और एनएफआईसीआई की बैठक में संधू की भागीदारी को आरटीआई व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत करने के लिए अनुभवों और संस्थागत प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान के अवसर के रूप में बताया गया।
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