बेलगावी , जुलाई 12 -- कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने रविवार को अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चंदे की गिनती में हुई अनियमितताओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

गौरतलब है कि यह मुद्दा बेलगावी में आयोजित सालाना 'अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक' के आखिरी सत्र में प्रमुखता से उठा। संगठन ने भरोसा जताया है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर शुरू की गई विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच और पुलिस की कार्रवाई किसी तार्किक नतीजे तक पहुंचेगी।

आरएसएस ने बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा कि इसमें शामिल लोगों ने घटना पर दुख जताया और ट्रस्ट से उम्मीद की कि भविष्य में ऐसी कोई चूक नहीं होगी जिससे मंदिर के प्रति रामभक्तों की श्रद्धा और गहरी आस्था को चोट पहुंचे। संगठन की सालाना रणनीति बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले और देशभर से 226 कार्यकर्ता शामिल हुए।

बैठक में अयोध्या मुद्दे के अलावा चल रही जनगणना, जनसंख्या असंतुलन से पैदा होने वाली चुनौतियों, नशीली दवाओं के बढ़ते खतरे और नशा मुक्ति प्रयासों को मजबूत करने की जरूरत पर चर्चा हुई। साथ ही संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और संगठनात्मक विस्तार की योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

आरएसएस ने बताया कि उसने इस साल मार्च के बाद देशभर में आयोजित 83 'संघ शिक्षा वर्गों' और 12 'कार्यकर्ता विकास वर्गों' की समीक्षा की। इनमें 18,842 स्वयंसेवकों ने संगठनात्मक काम, ग्राम विकास, पारिवारिक जागरूकता, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण का प्रशिक्षण लिया।

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