हैदराबाद , अगस्त 31 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राष्ट्रीय नेता डॉ. के नारायण ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) नेतृत्व से सवाल किया कि भारत और अमेरिका में हिंदू-मुस्लिम एकता को लेकर उनके संदेशों में कथित तौर पर अंतर क्यों है।
श्री नारायण ने सोमवार को एक बयान में अमेरिका यात्रा के दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि श्री भागवत ने हिंदू-मुस्लिम एकता, मानवता और भारत की "विविधता में एकता" के बारे में सकारात्मक बातें कही थीं।
उन्होंने श्री भागवत के उस कथित बयान का भी ज़िक्र किया जिसमें कहा गया था कि जो व्यक्ति यह मानता है कि मुसलमानों को भारत में नहीं रहना चाहिए, वह सच्चा हिंदू नहीं हो सकता।
उन्होंने इन कथित बयानों का स्वागत किया, लेकिन सवाल उठाया कि अमेरिका यात्रा के दौरान ही ऐसे संदेश पर ज़ोर क्यों दिया जा रहा है और भारत में इसे उतनी स्पष्टता से क्यों नहीं कहा जा रहा है।
उन्होंने आरएसएस नेतृत्व से कहा कि वे भारत में भी स्पष्ट रूप से कहें कि मुसलमान समान नागरिक हैं और उन्हें समान अधिकार प्राप्त हैं तथा देश की मज़बूती और एकता के लिए हिंदू-मुस्लिम एकता ज़रूरी है।
श्री नारायण ने यह भी सवाल किया कि क्या श्री भागवत की अमेरिका यात्रा के दौरान धार्मिक सद्भाव पर ज़ोर देने का कोई संबंध उनकी यात्रा के विरोध में हुए प्रदर्शनों से है।
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