रायपुर , फरवरी 05 -- छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में स्थित आरंग विकासखंड के ग्राम पंचायत गुजरा में पंचायत प्रशासन को लेकर गहरा असंतोष सामने आया है। सरपंच बिंदू बंजारे की कार्यप्रणाली से नाराज़ उपसरपंच एवं पंचों ने एकजुट होकर उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंचों ने उप जिलाधिकारी (एसडीएम) अभिलाषा पैकरा को गुरुवार को इस संबंध मे ज्ञापन सौंपते हुए सरपंच के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने की औपचारिक मांग की है।
पंचों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में पंचायत संचालन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पंचों का कहना है कि पंचायत कार्यों में पारदर्शिता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। आरोप है कि सरपंच का भाई, जो ग्राम पंचायत का निवासी भी नहीं है, प्रत्येक आधिकारिक बैठक में मौजूद रहता है और अधिकांश महत्वपूर्ण निर्णय वही लेता है।
ग्रामीणों के अनुसार सरपंच बिंदू बंजारे स्थायी रूप से अपने मायके बेमचा (जिला महासमुंद) में निवासरत हैं, जिसके कारण पंचायत कार्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति नहीं रहती। इस स्थिति में ग्रामीणों को जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और राशन कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेजों के लिए भटकना पड़ रहा है।
ज्ञापन में पंचायत में हुए कथित भ्रष्टाचार के कई ठोस उदाहरण भी प्रस्तुत किए गए हैं- समतलीकरण कार्य में गोपनीयता, स्कूल के प्ले ग्राउंड समतलीकरण हेतु स्वीकृत 6,00,000 लाख रुपये की राशि की जानकारी पंचों से छिपाई गई। पूछताछ करने पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
पानी टैंकर का फर्जी भुगतान: शिकायत के अनुसार, ग्राम में कभी पानी टैंकर से आपूर्ति नहीं की गई, बावजूद इसके अक्टूबर 2025 में टैंकर के नाम पर 40,000 रुपये से अधिक की राशि का आहरण किया गया।
पुरानी मशीन, नया भुगतान, पुराने मोटर पंप को नया दर्शाकर लगभग 32,000 रुपये के भुगतान को लेकर भी गंभीर संदेह व्यक्त किया गया है।
पंचों ने सरपंच और पंचायत सचिव के बीच मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि बैठकों के दौरान उनसे कोरे कागज़ों पर हस्ताक्षर कराए जाते हैं और प्रस्ताव बाद में तैयार किए जाते हैं। जब पंचों ने पंचायत की पासबुक देखने की मांग की, तो उन्हें न केवल इनकार किया गया बल्कि कथित तौर पर उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया।
उप जिलाधिकारी पैकरा ने पंचों का ज्ञापन स्वीकार करते हुए मामले की गंभीरता को स्वीकार किया है। पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों के तहत निर्धारित समय-सीमा के भीतर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हेतु विशेष बैठक आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में होने वाले मतदान के बाद ही यह तय होगा कि सरपंच बिंदू बंजारे अपने पद पर बनी रहेंगी या नहीं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित