मुरादाबाद , अक्टूबर 17 -- उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाकर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता में अविश्वास पैदा कर रहे हैं। उन्होंने विपक्षी दलों से संविधान विरोधी शक्तियों के कथित 'टूलकिट' का हिस्सा नहीं बनने की अपील की। मंत्री ने कहा कि एसआईआर एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को पारदर्शी, शुद्ध और त्रुटिरहित बनाना है। मुरादाबाद पहुंचे कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। उनके मुताबिक, कुछ शक्तियां देश में अराजकता और अनिश्चितता का माहौल पैदा करना चाहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाकर ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। ये आरोप मंत्री ने राजनीतिक बयान के तौर पर लगाए।

चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सामान्य मतदाता सूची पुनरीक्षण नियमित रूप से किया जाता है, जबकि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची की व्यापक जांच करना है। इसके तहत मृत मतदाताओं और स्थायी रूप से दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके लोगों के नामों की जांच कर नियमानुसार संशोधन किया जाएगा। वहीं, 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र युवाओं सहित ऐसे नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जो पात्र होने के बावजूद सूची में दर्ज नहीं हैं।

मंत्री ने नागरिकों से अपनी मतदाता प्रविष्टियों की जांच करने और नाम छूटने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भर सकते हैं, जबकि किसी प्रविष्टि पर आपत्ति होने की स्थिति में निर्वाचन आयोग के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने मतदाता सूची को लोकतंत्र की महत्वपूर्ण आधारशिला बताते हुए इसके पुनरीक्षण में नागरिकों से सहयोग करने का आह्वान किया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित