पटना , जून 21 -- बिहार में आयुष चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने तथा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आयुष औषधियों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) द्वारा पहली बार आयुष औषधियों के क्रय की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।
बीएमएसआईसीएल के प्रबंधक निदेशक, ने बताया कि निगम द्वारा आयुष औषधियों की खरीद किए जाने के निर्णय के आलोक में, आयुष की आवश्यक औषधि सूची (ईडीएल) में शामिल दवाओं के क्रय हेतु स्टैंडर्ड बिड डॉक्यूमेंट (एसबीडी) का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। यह प्रक्रिया आयुष औषधियों की पारदर्शी एवं व्यवस्थित खरीद सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।तैयार किए गए प्रारूप के आधार पर लगभग 600 आयुष औषधियों, जिनमें आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, यूनानी एवं अन्य आयुष पद्धतियों की दवाएं शामिल हैं, के लिए दर-अनुबंध स्थापित करने के लिये शीघ्र ही निविदा प्रकाशित की जाएगी।
प्रबंधक निदेशक ने कहा कि इस पहल के माध्यम से राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आयुष औषधियों की उपलब्धता को और मजबूत बनाया जाएगा। साथ ही मरीजों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप आयुष चिकित्सा पद्धति की दवाएं सुलभ रूप से उपलब्ध हो सकेंगी। यह कदम राज्य में समग्र स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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