कानपुर , अक्टूबर 06 -- 70 वर्ष की उम्र पार कर चुके बुजुर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने में कानपुर नगर प्रदेश में अव्वल है। नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार कानपुर नगर में 1,10,249 आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाए जा चुके हैं। इस मामले में कानपुर नगर जौनपुर, लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज समेत प्रदेश के अन्य प्रमुख जनपदों से आगे है।

प्रदेश में कानपुर नगर के बाद जौनपुर में 96,795 और लखनऊ में 87,928 कार्ड बने हैं। वाराणसी में 82,783, हरदोई में 79,433, प्रयागराज में 78,807, आगरा में 77,038, गोरखपुर में 75,308, आजमगढ़ में 72,948 और गाजीपुर में 68,707 कार्ड बनाए जा चुके हैं। योजना में आर्थिक स्थिति की कोई बाध्यता नहीं है। 70 वर्ष या इससे अधिक आयु का प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनवा सकता है। पात्रता के लिए आधार कार्ड में दर्ज उम्र मान्य होती है और आधार आधारित ई-केवाईसी आवश्यक है। कार्डधारक को योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा मिलती है।

योजना का दायरा भी व्यापक है। इसके तहत 27 चिकित्सा विशेषज्ञताओं की 1,961 उपचार प्रक्रियाएं कवर हैं। इनमें हृदय रोग, कैंसर, हड्डी एवं जोड़ संबंधी बीमारियों और सामान्य सर्जरी के साथ डायलिसिस, स्ट्रोक, एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर तथा हिप एवं घुटने से संबंधित उपचार जैसी सेवाएं शामिल हैं।

योजना के नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ डॉ. एसपी यादव ने कहा कि 70 वर्ष या इससे अधिक आयु का कोई भी पात्र बुजुर्ग आयुष्मान वय वंदना कार्ड से वंचित न रहे, इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें पात्र बुजुर्गों तक पहुंचकर उनके कार्ड बनाने के साथ योजना के लाभ की जानकारी भी दे रही हैं। प्रदेश में सर्वाधिक कार्ड बनना टीम के निरंतर प्रयास का परिणाम है।

कल्याणपुर निवासी 76 वर्षीय राजेंद्र कटियार हृदय रोग से पीड़ित थे। चिकित्सकों की सलाह पर वय वंदना कार्ड के माध्यम से उनका उपचार हुआ और पेसमेकर लगाया गया। राजेंद्र कटियार बताते हैं कि इस उम्र में बीमारी के साथ इलाज के खर्च की चिंता भी रहती है, लेकिन कार्ड से उपचार होने के कारण परिवार पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। बर्रा निवासी 72 वर्षीय राजरानी को कैंसर के इलाज में कार्ड का लाभ मिला। राजरानी बताती हैं कि कैंसर का इलाज लंबा और महंगा है। आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने में बड़ी मदद मिली और परिवार को भी आर्थिक राहत मिली। वहीं कानपुर निवासी 74 वर्षीय किरण देवी घुटने की गंभीर समस्या से परेशान थीं। वय वंदना कार्ड के माध्यम से उनका उपचार कराया गया। किरण देवी बताती हैं कि घुटने की परेशानी के कारण चलना-फिरना मुश्किल हो गया था। कार्ड से इलाज मिलने के बाद स्वास्थ्य में सुधार हुआ और उपचार के खर्च की चिंता भी कम हुई।

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