लखनऊ , अप्रैल 13 -- उत्तर प्रदेश में टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए लगाए जा रहे आयुष्मान आरोग्य शिविर प्रभावी साबित हो रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से अब तक दो लाख से अधिक संभावित टीबी मरीजों की पहचान की जा चुकी है। मरीजों के आंकड़ों को देखते हुए राज्य सरकार ने इन शिविरों को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया है।

राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. ऋषि कुमार सक्सेना के अनुसार, प्रदेश में "टीबी फ्री पंचायत" पहल को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्ष 2024 में 7,191 टीबी मुक्त पंचायतों की संख्या बढ़कर 2025 में 7,577 हो गई है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 227 पंचायतों को गोल्ड, 1,934 को सिल्वर और 5,416 पंचायतों को ब्रॉन्ज श्रेणी में सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि पंचायत प्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी का परिणाम है।

उन्होंने बताया कि विश्व टीबी दिवस (24 मार्च) से शुरू हुए 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत उच्च जोखिम क्षेत्रों में लगातार शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां स्क्रीनिंग, एक्स-रे और जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक 2,695 शिविरों के माध्यम से बड़ी संख्या में संभावित मरीज चिन्हित किए गए हैं।

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