कोलकाता , अप्रैल 17 -- आयकर विभाग ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के रासबिहारी निर्वाचन क्षेत्र से निवर्तमान विधायक देवाशीष कुमार के आवास पर छापेमारी की, जिससे विधानसभा चुनाव से पहले इलाके में राजनीतिक तनाव पैदा हो गया है।

सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने दक्षिण कोलकाता के मनोहरपुकुर रोड स्थित श्री कुमार के आवास पर सुबह तलाशी शुरू की। जब छापेमारी शुरू हुई उस समय तृणमूल उम्मीदवार घर पर ही मौजूद थे। इसके साथ ही पास में स्थित उनके चुनाव कार्यालय और मोतीलाल नेहरू रोड स्थित एक पार्टी कार्यालय में भी तलाशी ली जा रही है।

तीनों स्थानों के बाहर केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है और आयकर अधिकारी तलाशी ले रहे हैं। छापेमारी के पीछे के सटीक कारण का तुरंत पता नहीं चल पाया है।

यह घटनाक्रम प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा तृणमूल नेता की चल रही जांच के बीच आया है। श्री कुमार को जमीन हड़पने के मामले में कई बार समन भेजा गया था और एक, तीन और नौ अप्रैल को साल्ट लेक के सीजीओ कॉम्प्लेक्स में उनसे पूछताछ की गई थी।

ईडी के सामने पेश होने के बाद श्री कुमार ने विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया था और कहा था कि उनकी पार्टी इसका जवाब देगी।

मोतीलाल नेहरू रोड पर पार्टी कार्यालय के बाहर तृणमूल कार्यकर्ताओं और समर्थकों के इकट्ठा होने और विरोध प्रदर्शन करने से राजनीतिक तनाव बढ़ गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार स्वपन दासगुप्ता के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कार्यालय से 'फाइलें चोरी की जा रही हैं'।

एक प्रदर्शनकारी ने दावा किया, "उन्होंने ताला तोड़ा और बिना किसी को बताए अंदर घुस गए। हमारे बूथ स्तर के एजेंटों से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज अंदर थे। इन फाइलों की नकल करने और उन्हें विपक्षी उम्मीदवार को सौंपने की एक गहरी साजिश है।"यह पार्टी कार्यालय कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार शोभनदेब चट्टोपाध्याय की चुनावी गतिविधियों के प्रबंधन के लिए उपयोग किया जाता है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छापेमारी के दौरान चुनाव से संबंधित संवेदनशील दस्तावेजों को चुराया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि इस सीट से भाजपा ने श्री कुमार के खिलाफ स्वपन दासगुप्ता को मैदान में उतारा है। भाजपा नेता इस सीट पर अपनी संभावनाओं को लेकर काफी आशान्वित हैं।

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