जयपुर , अगस्त 12 -- आयकर निदेशालय (खुफिया एवं आपराधिक अन्वेषण), राजस्थान ने अचल संपत्ति के लेन-देन की वित्तीय लेन-देन विवरण (एसएफटी) के तहत रिपोर्टिंग में अनुपालन को सुदृढ़ एवं उसकी शुद्धता एवं समयबद्धता में सुधार करने के उद्देश्य को लेकर बुधवार को यहां एक कार्यक्रम का आयोजन किया।
आयकर कार्यालय, एनसीआरबी, जयपुर में महानिरीक्षक, पंजीयन एवं मुद्रांक, राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयकर निदेशक राजस्थान प्रतिभा मीणा ने की। निदेशालय के विभिन्न स्थानों पर कार्यरत आयकर अधिकारियों तथा राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों के पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के डीआईजी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में सहभागिता की।
विचार-विमर्श के दौरान आयकर अधिनियम के उन नए प्रावधानों पर चर्चा की गयी, जो डीआईटी (आई एंड सीआई ) के कार्यों से संबंधित हैं। साथ ही अचल संपत्ति के लेन-देन से संबंधित आंकड़ों की गुणवत्ता, एएफटी रिपोर्टिंग की पूर्णता एवं समयबद्धता तथा अनुपालन संबंधी कमियों की पहचान पर विशेष ध्यान दिया गया। पात्र लेन-देन में पेन का अनिवार्य उल्लेख, क्रेताओं एवं विक्रेताओं के पेन तथा अन्य पहचान संबंधी विवरणों का प्रणाली-आधारित सत्यापन, लेन-देन मूल्य और अन्य आवश्यक सूचनाओं के पंजीयन के समय सही अंकन पर विशेष बल दिया गया।
प्रतिभागियों ने स्रोत स्तर पर त्रुटियों को न्यूनतम करने तथा वैधानिक रिपोर्टिंग को अधिक सटीक बनाने के लिए तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक सुधारों पर भी चर्चा की। पंजीयन एवं मुदांक विभाग के अधिकारियों को आयकर अधिनियम, 2025 के तहत नए एवं संशोधित रिपोर्टिंग दायित्वों तथा प्रणाली और क्षेत्रीय स्तर पर आवश्यक तैयारियों के संबंध में अवगत कराया गया।
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