चंडीगढ़ , मई 26 -- पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मंगलवार को पंजाब में जारी निकाय चुनावों के दौरान हुई हिंसा, प्रशासनिक दबाव और कथित चुनावी धांधली को लेकर आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) खुले तौर पर चुनावों में धांधली कर रही है और पुलिस एवं प्रशासन का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में कर रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसी अलोकतांत्रिक राजनीति से डरने वाली नहीं है। उन्होंने चुनाव के दौरान पंजाब के विभिन्न हिस्सों से सामने आई हिंसा, डराने-धमकाने और मीडिया के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटनाओं की कड़ी निंदा की। श्री रंधावा ने कहा कि ये घटनाएं राज्य में बिगड़ते लोकतांत्रिक माहौल को दर्शाती हैं।

श्री रंधावा ने समाना में हुई फायरिंग, रायकोट, बटाला और समराला में विपक्षी कार्यकर्ताओं के साथ हुई झड़पों तथा मजीठा में चुनाव के दौरान बने तनावपूर्ण माहौल पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने सुजानपुर में कथित बूथ कैप्चरिंग की कोशिश और कुछ स्थानों पर सिख कार्यकर्ताओं की पगड़ियां उतारे जाने की घटनाओं की भी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर विपक्षी दलों के उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रचार से रोका गया। पोस्टर और बैनर हटाये गये तथा पुलिस के जरिये दबाव बनाकर डराने की कोशिश की गयी।

उन्होंने कहा, " जब लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को खुलेआम निशाना बनाया जा रहा हो, विपक्षी कार्यकर्ताओं को धमकाया जा रहा हो और मीडिया को स्वतंत्र रूप से काम नहीं करने दिया जा रहा हो, तो यह पंजाब में लोकतंत्र और कानून व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। डर और दबाव के माहौल में निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हैं। "उन्होंने मीडिया कर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की भी आलोचना की और कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र प्रेस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। चुनाव कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ बदसलूकी लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास है।

श्री रंधावा ने चुनाव आयोग से तुरंत मामले का संज्ञान लेने की मांग करते हुए समाना, रायकोट, समराला और मजीठा की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने और पंजाब में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने की अपील की।

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