नयी दिल्ली , जून 20 -- लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने नीट-यूजी पुनर्परीक्षा 2026 के के लिए नागपुर के एक अभ्यर्थी का आबू धाबी में परीक्षा केन्द्र डालने पर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यशैली पर सवाल उठाये हैं।
श्री गांधी ने आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है और सरकार और एनटीए छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने एक छात्र का उदाहरण देते हुए कहा कि नागपुर का एक छात्र पिछले एक महीने से नीट री-एग्जाम की तैयारी कर रहा था। परीक्षा से एक दिन पहले जब उसने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया तो उसका परीक्षा केंद्र अबू धाबी आवंटित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि छात्र के पास न पासपोर्ट है, न विदेश जाने के लिए आर्थिक संसाधन और न ही इतना समय बचा कि वह परीक्षा दे सके। इस वजह से वह पूरी रात तनाव में रहा और परीक्षा देने से भी इनकार कर दिया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि कोई परीक्षा प्रणाली किसी छात्र को उसके अपने शहर में परीक्षा केंद्र उपलब्ध नहीं करा सकती और विदेश का केंद्र आवंटित कर देती है, तो उसे परीक्षा आयोजित करने का कोई अधिकार नहीं है। श्री गांधी ने आरोप लगाया कि एनटीए देश के छात्रों और उनके अभिभावकों के धैर्य की परीक्षा ले रही है।
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