भरतपुर , मई 03 -- राजस्थान में सवाईमाधोपुर जिले के रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान की सीमा से सटे कैलाशपुरी, मौजीपुरा और दुमोदा गांव के आसपास पिछले कई दिनों से विचरण कर रहे चीता केपी- 2 द्वारा अमरूद के एक खेत में डेरा डाल लेने से ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है।
वन विभाग ने आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते बताया है कि विभाग का दल चीता की लगातार निगरानी कर रहा है। फिलहाल चीता शांत है और आक्रामक नहीं है। उसने अब तक किसी पर हमला भी नही किया है, लेकिन चीते की मौजूदगी के कारण गांव में डर का माहौल है।
सूत्रों ने बताया कि स्कूली बच्चे स्कूल जाने और लौटने में डर महसूस कर रहे हैं। किसान भी अपने खेतों में जाने से हिचकिचा रहे हैं। चीते को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर वापस भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही ग्रामीणों से अनुरोध किया गया है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें।
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