नैनीताल , जुलाई 31 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को नई आबकारी नीति के तहत शराब की दुकानों के स्थान निर्धारण में स्थानीय लोगों की भावनाओं, महिलाओं और स्कूली बच्चों के हितों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने उम्मीद जताई कि सरकार ऐसी नीति बनाएगी, जिससे आबादी वाले क्षेत्रों में शराब की दुकानों को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।

न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने सुलक्षणा साह बनाम राज्य सरकार तथा इससे संबद्ध एक अन्य याचिका पर 29 जुलाई को सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किये। आदेश की प्रति शुक्रवार को मिली। राज्य सरकार की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि दोनों याचिकाकर्ताओं की शिकायतों का समाधान कर दिया गया है, जिसके चलते याचिकाएं अब निष्प्रभावी हो गई हैं।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से यह भी अवगत कराया गया कि नई आबकारी नीति के तहत शराब की दुकानों के स्थान निर्धारण का विषय सरकार के विचाराधीन है और उचित स्थानों पर ही दुकानों का आवंटन किया जाएगा ताकि स्थानीय निवासियों को आपत्ति न हो। सरकार ने आश्वासन दिया कि निर्णय लेते समय स्थानीय जनता, विशेषकर महिलाओं और स्कूली बच्चों की भावनाओं का ध्यान रखा जाएगा।

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