चंडीगढ़ , अगस्त 13 -- पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं और अक्षमता का आरोप लगाते हुए कहा है कि यह सरकार 'अक्षमता, अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामले में सीरियल डिफॉल्टर' साबित हो रही है।

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 41 ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर और 44 क्लस्टर कोऑर्डिनेटर के पदों पर भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाये जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राजा वड़िंग ने कहा कि यह सरकार के लिए गंभीर फटकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि आप सरकार केवल पेपर लीक के लिए ही जिम्मेदार नहीं है, बल्कि विभिन्न सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को भी कथित तौर पर प्रभावित कर रही है और इससे राज्य के युवाओं के विश्वास के साथ विश्वासघात हुआ है।

राजा वड़िंग ने कहा कि इन पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जनवरी में शुरू हुई थी और फरवरी में परिणाम घोषित किये गये थे। अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार में दिये गये अंकों में कथित अनियमितताओं को लेकर भर्ती प्रक्रिया को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने भर्ती से संबंधित पूरा रिकॉर्ड तलब किया और इसकी जांच के लिए ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों तथा वकीलों की एक समिति गठित की थी। समिति ने रिकॉर्ड की जांच के दौरान अंकों के आवंटन में अनियमितताएं पायीं।

कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार, समिति की रिपोर्ट के आधार पर उच्च न्यायालय ने अगली सुनवाई तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी। उन्होंने कहा कि अदालत की कार्रवाई से स्पष्ट है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों की आशंकाएं निराधार नहीं थीं।

राजा वड़िंग ने कहा कि यह मामला पंजाब में फार्मासिस्ट ऑफिसर की भर्ती प्रक्रिया पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा लगायी गयी रोक के तुरंत बाद सामने आया है। उन्होंने कहा कि लगातार भर्ती प्रक्रियाओं पर सवाल उठना राज्य के युवाओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि अब कुछ ही महीनों में कांग्रेस की सरकार बनने वाली है और उसके बाद मौजूदा सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए मामलों का पूरा हिसाब लिया जाएगा तथा जिम्मेदारी तय की जाएगी। राजा वड़िंग ने आरोप लगाया कि आप सरकार पेपर लीक मामलों के साथ-साथ सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया को भी कथित तौर पर प्रभावित करने के लिए जिम्मेदार है और इससे नौकरी की उम्मीद लगाये बैठे पंजाब के युवाओं के साथ अन्याय हुआ है।

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