चंडीगढ़ , सितंबर 08 -- पंजाब में 'बदलाव' के नाम पर सत्ता में आयी आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने मंगलवार को मोर्चा खोल दिया।
प्रदेश कांग्रेस भवन में आयोजित प्रदर्शन में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने सरकार पर वादों और जमीनी हकीकत के बीच भारी अंतर होने का आरोप लगाते हुए नशे, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार के आरोपों और बढ़ते कर्ज को लेकर तीखा हमला बोला। श्री सिद्धू दावा किया कि सरकार के नशा मुक्त पंजाब के दावों के बावजूद स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 8,973 मामले दर्ज होना और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में पंजाब का देश में पहले स्थान पर होना सरकार के दावों पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने पूछा कि यदि पंजाब वास्तव में नशा मुक्त हो चुका है तो युवा अभी भी नशे की गिरफ्त में क्यों जा रहे हैं और परिवार अपने बच्चों की जिंदगी बचाने के लिए क्यों गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि युवाओं को रोजगार देने के वादे पूरे नहीं हुए हैं। सिद्धू के अनुसार पंजाब में युवा बेरोजगारी दर 22.3 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि सरकार विज्ञापनों और बयानों के जरिए रोजगार उपलब्ध कराने के दावे कर रही है।
श्री सिद्धू ने आप के भीतर से उठ रही कथित आपत्तियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आप सांसद मलविंदर सिंह कंग द्वारा जीएमएडीए को कथित तौर पर 'लूट का केंद्र' बताये जाने से सरकार के कामकाज को लेकर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल के भीतर से ऐसे आरोप सामने आने पर सरकार को पूरे मामले में पारदर्शी जवाब देना चाहिए।
कानून-व्यवस्था को लेकर श्री सिद्धू ने कहा कि पिछले करीब 18 महीनों में पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर कम से कम 10 ग्रेनेड हमले होने की घटनाओं का जिक्र सामने आया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों के बीच 'सुरक्षित पंजाब' के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है और लोगों को भाषणों में नहीं बल्कि वास्तविक जीवन में सुरक्षा चाहिए।
उन्होंने पंजाब के बढ़ते कर्ज को लेकर भी चिंता जतायी। श्री सिद्धू ने दावा किया कि मार्च 2027 तक राज्य का कर्ज करीब 4.47 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि चालू वर्ष में करीब 28,755 करोड़ रुपये ब्याज के भुगतान पर खर्च होने की संभावना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राज्य के भविष्य पर कर्ज का बोझ बढ़ा रही है, जिसका खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा।
शेरों गांव की घटना का उल्लेख करते हुए श्री सिद्धू ने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवक के साथ कथित मारपीट की निंदा की। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने वाले युवाओं को डराने के बजाय सरकार को उनका समर्थन करना चाहिए।
कथित पांच करोड़ रुपये की मांग के मामले पर श्री सिद्धू ने कहा कि यदि किसी मामले को दबाने या बेटी की गरिमा एवं न्याय की कीमत तय करने के लिए पांच करोड़ रुपये की मांग की गयी थी, तो यह बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए तथा जांच में आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। श्री सिद्धू ने कहा कि पंजाब की जनता की आवाज को अब दबाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस समाज के हर वर्ग के अधिकारों के लिए आवाज उठाती रहेगी और सरकार की कथित विफलताओं तथा मनमानी के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि जनता सरकार के कामकाज पर नजर रख रही है और समय आने पर हर विफलता की जवाबदेही तय होगी।
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