नारायणपुर , अगस्त 05 -- छत्तीसगढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने रावघाट स्थित बीएसपी खदान प्रबंधन पर खनन गतिविधियों के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदूषण फैलाने तथा किसानों और आदिवासियों की आजीविका प्रभावित करने का आरोप लगाया है।
पार्टी ने प्रभावित किसानों को मुआवजा देने, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग आज की है।
आप के प्रदेश प्रवक्ता एवं बस्तर लोकसभा अध्यक्ष नरेन्द्र नाग ने बुधवार को जारी एक बयान में आरोप लगाया कि रावघाट खदान से निकल रहे लाल मलबे और दूषित पानी के कारण अंजरेल गांव सहित आसपास के क्षेत्रों के किसानों की खेती प्रभावित हुई है। उन्होंने दावा किया कि कम से कम 15 किसानों के खेतों में लाल मलबा और पानी भर जाने से फसल खराब हो गई है तथा ग्रामीण दूषित पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि खदान का संचालन पर्याप्त व्यवस्थाओं के बिना किया जा रहा है। स्थानीय लोगों को सड़क, रोजगार और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं तथा लगभग 20 गांव प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के कार्य केवल कागजों तक सीमित हैं।
आप ने मांग की है कि प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा दिया जाए, दूषित जल स्रोतों की सफाई कर सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, खदान से निकलने वाले मलबे और अपशिष्ट जल के स्थायी प्रबंधन की व्यवस्था की जाए तथा स्थानीय युवाओं को रोजगार और क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो किसानों और आदिवासी समाज के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
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