रायपुर , मार्च 18 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में आदिवासी छात्राओं से जुड़े मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने रायपुर के अंबेडकर चौक में धरना प्रदर्शन किया। पार्टी ने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

गंगालूर क्षेत्र के पोटा केबिन हाई स्कूल की तीन आदिवासी छात्राओं के गर्भवती पाए जाने के मामले ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और छात्रावासों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीनों छात्राएं करीब पांच माह की गर्भवती हैं, जिनमें दो नाबालिग बताई जा रही हैं।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्गा झा ने कहा कि यह घटना बेटियों की अस्मिता पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन छात्राओं के गर्भावस्था कार्ड पहले से बनाए जाने की बात सामने आई है, जिससे साफ है कि संबंधित विभागों को स्थिति की जानकारी थी। झा ने सवाल उठाया कि इसके बावजूद समय रहते समन्वित कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

प्रदेश सचिव अनुषा जोसेफ ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि शिक्षा और सुरक्षा के लिए बनाए गए संस्थानों में ऐसी घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार तंत्र अपनी जवाबदेही से बचने का प्रयास कर रहा है। जोसेफ ने मांग की कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

प्रदेश संयुक्त सचिव कलावती मार्को ने राज्य सरकार से प्रदेश के सभी आश्रम, छात्रावास और आवासीय विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

धरना प्रदर्शन में स्वाति तिवारी, अनुराधा शुक्ला, सिमरजीत कौर, करमजीत कौर, गौरी सोनमती कन्नौजे, ज्योति दानेकर, आशा कन्नौजे, निर्मला कुम्हारे, पूजा कुम्हारे, जसोदा सुंदरी बाई, सूरज उपाध्याय, मुन्ना बिसेन, इमरान खान और मिहिर कुर्मी सहित रायपुर जिले के कई कार्यकर्ता शामिल हुए।

पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में जल्द और पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई, तो आम आदमी पार्टी प्रदेश भर में इस मुद्दे को लेकर आंदोलन तेज करेगी।

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