देहरादून , सितम्बर 25 -- उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी (आप) की देहरादून महानगर इकाई ने शुक्रवार को राजधानी में नियो मेट्रो संचालन के लिए सर्वे और फिर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने में करीब 80-90 करोड़ रुपए खर्च करने का राज्य सरकार पर आरोप लगाया। इस मामले में आप की प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसौदिया और महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री के नेतृत्व में नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह को ज्ञापन भेजा गया है।

पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार आज पूर्वाह्न 11 बजे आप कार्यकर्ता नियो मेट्रो प्रोजेक्ट की अनियमितताओं को लेकर ज्ञापन देने जिला मुख्यालय पहुंचे। जहां नारेबाजी के मध्य नगर मजिस्ट्रेट राकेश चंद तिवारी ने उनका ज्ञापन लिया।

प्रदेश अध्यक्षा सिसोदिया ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने देहरादून में नियो मेट्रो के नाम पर जनता को बड़े-बड़े सपने दिखाए, सरकारी धन खर्च किया लेकिन धरातल पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। अनुमानतः 80 से 90 करोड़ रुपये इन प्रक्रियाओं में खर्च हुए हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि यह पैसा किस मद में, किस एजेंसी को दिया गया।

महानगर अध्यक्ष संजय छेत्री ने 24 मार्च 2025 को राज्यसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर और एक इलेक्ट्रानिक चैनल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जो योजना अब निरस्त हो चुकी है, उस पर 80-90 करोड़ लुटाना जनता के पैसे की बर्बादी है। मीडिया प्रभारी विपिन खन्ना ने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे मुद्दों के बीच ऐसी परियोजना पर करोड़ों खर्च करना जवाबदेही का विषय है।

ज्ञापन में मांग की गई कि नियो मेट्रो के सभी सर्वे और डीपीआर का विवरण सार्वजनिक किया जाए, खर्च हुई 80-90 करोड़ की राशि का मद-वार हिसाब जनता के सामने रखा जाए, कंसल्टेंसी और एजेंसियों को किए गए भुगतान का विवरण सार्वजनिक हो, सर्वे एवं डीपीआर खर्च की स्वतंत्र, निष्पक्ष जांच कैग से कराने सरीखी सात मांगें की हैं।

ज्ञापन देने वालों में प्रदेश महासचिव श्याम बाबू पाण्डेय, हिमांशु पुण्डीर, जितेन पंथ, शैलेश तिवारी, कमल राणा, शरद जैन, वी के बजाज, आकेश भट्ट, वीर सिंह, गौरव उनियाल, यामिनी आले सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित