रांची , अक्टूबर 28 -- झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करने की दिशा में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने एक बार फिर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अंसारी और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव शअजय कुमार सिंह के बीच आज लगभग चार घंटे तक चली मैराथन बैठक में राज्य के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने, चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक बनाने तथा भविष्य में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अंसारी ने कहा कि झारखंड में लंबे समय से चिकित्सकों की कमी एक बड़ी चुनौती रही है। इस चुनौती का स्थायी समाधान तभी संभव है, जब राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या, एमबीबीएस सीटों और चिकित्सा शिक्षा के अवसरों का विस्तार किया जाए। डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए मेडिकल सीटों में वृद्धि करना समय की मांग है। यह झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को बदलने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

झारखंड में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की बड़ी उपलब्धियां रही है -सात वर्षों में एमबीबीएस सीटों में लगभग तीन गुनी वृद्धि, वित्तीय वर्ष 2019-20 में राज्य में एमबीबीएस की कुल 580 सीटें थीं-श। वित्तीय वर्ष 2026-27 में यह संख्या बढ़कर 1,650 हो गई है।

यह वृद्धि झारखंड में चिकित्सा शिक्षा के बढ़ते दायरे और विद्यार्थियों के लिए खुलते नए अवसरों को दर्शाती है।

सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटों का विस्तार-- रिम्स, रांची: एमबीबीएस सीटें 180 से बढ़कर 250-।शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज, धनबाद: 50 से बढ़कर 100 सीटें। एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर: 50 से बढ़कर 150 सीटें।

दुमका, पलामू और हजारीबाग के मेडिकल कॉलेजों में 100-100 सीटें।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, खूंटी और दुमका में नए संस्थानों के माध्यम से भी चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़े हैं। निजी मेडिकल कॉलेजों से भी बढ़े अवसर- मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में सीटें 150 से बढ़कर 250, लक्ष्मी चंद्रवंशी मेडिकल कॉलेज, पलामू में सीटें 100 से बढ़कर 150 और नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सरायकेला में सीटें 100 से बढ़कर 200 हुई है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अंसारी ने कहा, "मेरा स्पष्ट लक्ष्य है कि आने वाले दो वर्षों में झारखंड में डॉक्टरों की उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि हो। इसके लिए हमें चिकित्सा शिक्षा की बुनियाद मजबूत करनी होगी और मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान देना होगा।मैं चाहता हूं कि झारखंड के बच्चों को अपने ही राज्य में बेहतर मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिले। हमारे विद्यार्थी आधुनिक चिकित्सा तकनीक का ज्ञान हासिल करें और भविष्य में राज्य के लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।मेरा उद्देश्य केवल मेडिकल सीटें बढ़ाना नहीं, बल्कि झारखंड में ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करना है, जहां किसी गरीब मरीज को डॉक्टर और बेहतर इलाज के अभाव में परेशान न होना पड़े।"उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का विस्तार झारखंड के भविष्य में निवेश है। अधिक योग्य डॉक्टर तैयार होंगे, तो सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी।

अपर मुख्य सचिव श्री सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की वृद्धि महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके साथ शिक्षकों की उपलब्धता, अस्पतालों का आधारभूत ढांचा, आधुनिक चिकित्सा उपकरण, मरीजों के उपचार की सुविधाएं और विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता को भी मजबूत करना आवश्यक है।उन्होंने गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि राज्य का उद्देश्य केवल डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि कुशल, योग्य और संवेदनशील चिकित्सक तैयार करना भी है, ताकि झारखंड की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में राज्य सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभागीय अधिकारियों और पूरी टीम के समन्वित प्रयासों से चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सकारात्मक बदलाव लाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, "पहले इंसान, फिर डॉक्टर, उसके बाद नेता-जनता की सेहत मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं चाहता हूं कि झारखंड स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बनाए। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है-अधिक डॉक्टर, बेहतर मेडिकल शिक्षा, आधुनिक अस्पताल और हर जरूरतमंद व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण इलाज।"झारखंड में एमबीबीएस सीटों की संख्या में हुई वृद्धि इस दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सरकार का प्रयास है कि आने वाले वर्षों में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण साथ-साथ आगे बढ़े, ताकि राज्य की जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।

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