अमृतसर , अक्टूबर 06 -- श्री आनंदपुर साहिब से जुड़े मामले की जांच के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की चार सदस्यीय समिति ने मंगलवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी को सौंप दी।

श्री धामी ने रिपोर्ट के आधार पर सराय के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों से सामने आए तथ्यों को मीडिया के साथ साझा किया।

उन्होंने कहा कि जांच में संबंधित महिला के विभिन्न गुरुद्वारा साहिबों की सराय में ठहरने के कई रिकॉर्ड मिले हैं और उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार उसने निर्धारित भेंट देकर कमरे लिए थे। उन्होंने इन आरोपों को गलत बताया कि महिला को एसजीपीसी की ओर से मुफ्त कमरा या वाहन सुविधा दी गई थी। उन्होंने कहा कि जांच में सराय के प्रभारी अमरीक सिंह द्वारा रजिस्टर में बाद में कुछ प्रविष्टियां जोड़ने और रिकॉर्ड में छेड़छाड़ किए जाने की बात सामने आई है। उनके अनुसार दो प्रविष्टियों में लिखावट और क्रम संख्या में भी अनियमितता मिली है, तथा इसकी आगे जांच कराई जाएगी।

श्री धामी ने बताया कि महिला को इलाज के लिए एक लाख रुपये की सहायता धर्म-अर्थ फंड से दी गई थी। उनके अनुसार यह सहायता महिला के आवेदन और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सा दस्तावेजों के आधार पर मंजूर की गई थी। उन्होंने आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता बलतेज पन्नू द्वारा मामले में लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जांच पूरी होने से पहले सोशल मीडिया पर किसी का 'राजनीतिक ट्रायल' उचित नहीं है। धामी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग भी दोहराई।

एसजीपीसी सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने बताया कि जांच समिति की सिफारिश पर तख्त श्री केसगढ़ साहिब के पूर्व प्रबंधक मलकीत सिंह और सराय प्रभारी अमरीक सिंह को ड्यूटी से निलंबित किया गया है। सराय में हेल्पर के रूप में तैनात प्रभजोत सिंह का तबादला किया गया है। मामले में विभागीय जांच आगे भी जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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