पटना , अप्रैल 27 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने सोमवार को आरोप लगाया है कि बिहार में आधुनिक टाउनशिप योजना के नाम पर किसानों और गरीबों को उजाड़ने की साजिश रची जा रही है।
श्री पाण्डेय ने आज बयान जारी कर कहा कि बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्यमंत्री बनते ही किसानों और गरीबों को उजाड़ने की साजिश शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक टाउनशिप के नाम पर बिहार के 11 शहरों में जमीन की खरीद बिक्री पर रोक लगाना समझ से परे हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार जमीन की रजिस्ट्री पर से तत्काल रोक हटाये।
भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि कि केंद्र की भाजपा सरकार पिछले 11 वर्षों से गरीबों को उजाड़ कर जमीन पूंजीपतियों को कौड़ी के भाव में सौंप रही है। उसी रास्ते पर चलते हुए बिहार सरकार सैटेलाइट टाउनशिप योजना लेकर आई है। उन्होंने कहा कि पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी में आधुनिक टाउनशिप विकसित करने का फैसला लिया है। इसके तहत सरकार ने चिह्नित इलाकों में जमीन की खरीद-बिक्री, ट्रांसफर और निर्माण पर अस्थायी रोक लगा दी है। इन 11 बड़े शहरों में जमीन की खरीद बिक्री पर रोक लगाना चौंकाने वाला और समझ से परे है। आम लोगों के लिए जमीन की खरीद-बिक्री सामाजिक और आर्थिक जिम्मेदारियों को पूरा करने का जरिया होती है।
भाकपा राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने आरोप लगाया कि इन 11 शहरों में सरकार जमीन को औने-पौने दाम पर अधिग्रहित कर पूंजीपतियों को सौंपने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि वर्षों से बसे किसान और गरीब, जो खेती कर अपना जीवनयापन करते हैं, इस योजना से उजड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य सरकार से मांग करती है कि आधुनिक टाउनशिप निर्माण के नाम पर जमीन की खरीद-बिक्री पर लगाई गई रोक को तत्काल हटाया जाए।
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