प्रयागराज , मई 05 -- उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिन दलों ने "आधी आबादी का अपमान" किया और जनता के अधिकारों में बाधा डाली, उन्हें मतदाताओं ने करारा जवाब दिया है।
प्रयागराज पहुंचे श्री मौर्य ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और डीएमके जैसे दल जहां-जहां सत्ता में रहे, वहां विकास के बजाय तुष्टिकरण, जातिवाद और परिवारवाद को बढ़ावा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने घुसपैठियों को संरक्षण देने का काम किया, जिसका परिणाम अब चुनावी पराजय के रूप में सामने आया है।
उन्होंने कहा कि यदि विपक्षी दल अभी भी नहीं चेते, तो जनता उन्हें भविष्य में भी इसी तरह सबक सिखाएगी। असम और पश्चिम बंगाल में मुस्लिम विधायकों की जीत के सवाल पर मौर्य ने कांग्रेस पर "मुस्लिम तुष्टिकरण" की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को केवल मुस्लिम वोट की चिंता है और वह बहुसंख्यक हिंदुओं की उपेक्षा करती है।
श्री मौर्य ने कहा कि लोकतंत्र में सभी मतदाता समान हैं और किसी भी दल को सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए, अन्यथा उसका राजनीतिक अस्तित्व संकट में पड़ सकता है। वहीं, राहुल गांधी और अखिलेश यादव द्वारा चुनाव में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए मौर्य ने कहा कि यह दोनों नेताओं की "हताशा और निराशा" का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा चुनाव आयोग या केंद्रीय बलों के सहारे चुनाव जीतती, तो तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में भी उसकी सरकार होती।
उन्होंने भाजपा की जीत का श्रेय सुशासन, सेवा और "सबका साथ, सबका विकास" की नीति को देते हुए कहा कि जनता ईमानदारी से सभी दलों का मूल्यांकन कर मतदान करती है। मौर्य ने दावा किया कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विधानसभा चुनावों में भी भाजपा को इसी तरह की जीत मिलेगी, साथ ही अन्य राज्यों में भी पार्टी के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित