रांची , मार्च 24 -- झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन और सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आज आईआईएम रांची में ट्राइबल उद्यमशीलता विषय पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए आदिवासी समाज के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।

सुश्री तिर्की ने कहा कि आदिवासी समाज लंबे समय से शोषण का शिकार रहा है और कई बार बाजार व्यवस्था ही इसका माध्यम बनी है। इसलिए ट्राइबल उद्यमशीलता को बढ़ावा देते समय उनकी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक संरचना को समझना बेहद जरूरी है।

सुश्री तिर्की ने युवाओं से अपील की कि वे उद्यमशीलता के क्षेत्र में आगे आएं और अपने समुदाय के हितों का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्य सस्टेनेबिलिटी के सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए, क्योंकि आदिवासी समाज प्रकृति के संरक्षण और संतुलन को प्राथमिकता देता है।

सुश्री तिर्की आगे कहा कि आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए ऐसे ब्रांड और उत्पाद विकसित किए जाने चाहिए, जो आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप हों, लेकिन अपनी जड़ों से जुड़े रहें।

कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने आईआईएम रांची का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक साबित होते हैं।

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