नारायणपुर, जनवरी 19 -- आदिवासी युवाओं के सर्वांगीण विकास और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित 17वें आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत जिला नारायणपुर के नक्सल प्रभावित गांवों से चयनित 20 युवा छात्र-छात्राओं को केवडिया, गुजरात के लिए रवाना किया गया। इस दल में 12 छात्र और 8 छात्राएं शामिल हैं, जिनकी आयु 18 से 19 वर्ष के बीच है।

जिला पीआरओ से सोमवार को मिली जानकारी के मुताबिक, यह कार्यक्रम गृह मंत्रालय भारत सरकार के प्रोत्साहन से नेहरू युवा केंद्र संगठन, कांकेर तथा क्षेत्रीय मुख्यालय भुवनेश्वर भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के निर्देशानुसार आयोजित किया जा रहा है।युवाओं को 18 जनवरी 2026 को सामरिक मुख्यालय 53वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल, नारायणपुर से केवडिया के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम 53वीं वाहिनी के नेतृत्व में सेनानी संजय कुमार के मार्गदर्शन तथा द्वितीय कमान संजय कुमार भारद्वाज के निर्देशन में संपन्न हुआ।

रवाना करने से पूर्व द्वितीय कमान द्वारा सभी छात्र-छात्राओं से परिचय प्राप्त कर उनका स्वागत किया गया और कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी गई।बताया गया कि आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में निवास करने वाले जनजातीय युवाओं को एक-दूसरे की भाषा, संस्कृति, जीवनशैली, सामाजिक परिस्थितियों और आर्थिक गतिविधियों से परिचित कराना है। इसके साथ ही युवाओं को शैक्षणिक, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों की जानकारी प्रदान कर उन्हें सकारात्मक दिशा में प्रेरित करना है। इस तरह के कार्यक्रमों से विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच संवाद बढ़ता है, जिससे आपसी समझ विकसित होती है और अतिवादी गतिविधियों में कमी लाने में भी मदद मिलती है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर द्वितीय कमान संजय कुमार भारद्वाज ने सभी युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें केवडिया भ्रमण के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उप सेनानी प्रशांत सोनी सहित सामरिक मुख्यालय 53वीं वाहिनी के अधीनस्थ अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित