विजयवाड़ा , अगस्त 30 -- आंध्र प्रदेश की आदिवासी कल्याण मंत्री गुम्माडी संध्या रानी ने रविवार को जानकारी दी कि विशाखापत्तनम जिले के मारिकावलासा गांव में आदिवासी छात्रों को नीट, आईआईटी और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग देने के लिए एक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (सीओई) बनाया गया है।
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के निर्देश पर आदिवासी छात्रों को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग देने के लिए यह 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' बनाया गया है और यह सीओई एक आवासीय स्कूल के परिसर में स्थापित किया गया है।
उन्होंने बताया कि सीओई के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए धन जारी कर दिया गया है। मंत्री ने कहा कि आदिवासी समुदाय के 600 इंटरमीडिएट छात्रों को नीट, आईआईटी और जेईई परीक्षाओं की कोचिंग के साथ-साथ अच्छी शिक्षा भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इन 600 छात्रों में से 300 लड़कियां हैं और उन्हें उनकी प्रतिभा के आधार पर चुना गया है। सरकार ने आदिवासी छात्रों को कोचिंग देने के लिए नोएडा की मशहूर कोचिंग एजेंसी 'फिजिक्स वाला' को नियुक्त किया है और कक्षाएं शुरू भी हो चुकी हैं। आवासीय स्कूल परिसर में सीओई बनने के कारण वहां पढ़ रहे 445 छात्रों को उनकी पढ़ाई में बिना किसी रुकावट के चरणबद्ध तरीके से आंध्र प्रदेश सामाजिक कल्याण आवासीय शैक्षणिक संस्थान समिति और आंध्र प्रदेश जनजातीय कल्याण आवासीय संस्थानों में स्थानांतरण कर दिया गया।
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