मुंबई , जुलाई 03 -- महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने शुक्रवार को अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा प्रक्रिया को निशाना बनाते हुए ट्रस्ट की ईमानदारी पर सवाल उठाये।
श्री ठाकरे ने पूछा, "अगर चढ़ावा प्रक्रिया में भ्रष्टाचार हुआ है, तो मूल सवाल यही है कि इन ट्रस्टियों को किसने नियुक्त किया? इन लोगों को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार ने नियुक्त किया गया तो क्या केंद्र अब अपने ही नियुक्त किये लोगों को जवाबदेह ठहरायेगा और उन्हें हटायेगा?"उन्होंने दावा किया कि भाजपा मंदिर निर्माण का पूरा श्रेय अकेले नहीं ले सकती, क्योंकि इसका रास्ता सरकारी पहल के बजाय उच्चतम न्यायालय के फैसले से साफ हुआ था। शिवसेना (यूबीटी) नेता ने राम जन्मभूमि आंदोलन की याद दिलाते हुए एक बड़े आंदोलन की चेतावनी दी और कहा कि यह कथित वित्तीय कुप्रबंधन हिंदू समुदाय की भावनाओं का अपमान है। उनकी यह टिप्पणियां चढ़ावा चोरी और अन्य कथित वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के बयानों के बाद आई हैं।
अपना ध्यान स्थानीय शासन पर केंद्रित करते हुए, श्री ठाकरे ने मुंबई में मानसून से जुड़ी सिलसिलेवार घातक दुर्घटनाओं के मद्देनजर राज्य प्रशासन और बृहन्मुंबई नगर निगम की भी जमकर लताड़ लगाते हुए कहा कि पेड़ गिरने से बच्चे की मौत और एक आदमी के खुले मैनहोल में गिरने की हालिया घटनाओं से पता चलता है कि सत्ता में बैठे लोग अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं।
श्री ठाकरे ने दावा किया, "बृहन्मुंबई नगर निगम के अधिकारी और शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे इन रोकी जा सकने वाली त्रासदियों के लिए समान रूप से जिम्मेदार हैं।" उन्होंने ऐसी घटनाओं पर प्रशासन के रवैए की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि सहायता प्रदान करने के बजाय, नगर निगम की लापरवाही का शिकार होने वाले अधिकारियों को अक्सर आंतरिक जांच का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्थानीय भाजपा नेतृत्व पर शहर के बुनियादी ढांचे की विफलताओं को कम आंकने का भी आरोप लगाया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित