चंडीगढ़ , अगस्त 25 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को राज्य के आदर्श स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के वेतन में 120 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।

इस फैसले से करीब 1,100 शिक्षकों को लाभ मिलेगा और उनका मासिक वेतन लगभग 10,000 रुपये से बढ़कर 22,000 रुपये से अधिक हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और पंजाब के भविष्य को आकार देने वाले शिक्षकों को सम्मानजनक वेतन और बेहतर सेवा सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार शिक्षकों के हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और प्रत्येक विद्यार्थी का भविष्य सुरक्षित करने की शुरुआत शिक्षकों को सशक्त बनाने से होती है। श्री मान ने शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका के बावजूद उनकी समस्याओं की अनदेखी की। उन्होंने कहा, "लगभग दो दशकों से ये शिक्षक कम वेतन के बावजूद पूरी लगन से सेवाएं दे रहे हैं। हमारी सरकार ने इस लंबे समय से चली आ रही विसंगति को दूर करते हुए उनके वेतन में 120 प्रतिशत से अधिक वृद्धि करने का फैसला किया है।" उन्होंने कहा कि बढ़े हुए वेतन के अलावा शिक्षकों को केंद्रीय विद्यालयों के पैटर्न के आधार पर सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उनकी सेवा शर्तों में सुधार होगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के इन सीबीएसई से संबद्ध आदर्श स्कूलों में वर्तमान में 15,000 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। सरकार विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक आर्थिक रूप से सुरक्षित और सम्मानित महसूस करेंगे तो वे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर सकेंगे। सरकार की प्राथमिकता इन शिक्षकों के हितों की रक्षा करना है, ताकि इन स्कूलों में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे का भविष्य सुरक्षित हो सके।

श्री मान ने कहा कि उनकी सरकार कर्मचारी कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और आदर्श स्कूलों के शिक्षकों की सभी जायज मांगों को वर्षों की उपेक्षा के बाद स्वीकार किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए काम कर रही है और शिक्षकों को बिना किसी परेशानी के अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराया जाएगा।

बैठक में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. रवि भगत, स्कूल शिक्षा सचिव सोनाली गिरि और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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