सुकमा , अगस्त 16 -- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में स्वतंत्रता दिवस पर पुनर्वास केंद्र में 112 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने तिरंगा थामकर शांति, भाईचारे और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। कभी हथियार लेकर हिंसा के रास्ते पर चलने वाले इन युवाओं ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देकर समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प व्यक्त किया।
पुलिस अधिकारियों ने रविवार को बताया कि 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुनर्वास केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर भी शामिल हुए। उन्होंने पुनर्वासित महिला अमीला पदामी को ध्वजारोहण के लिए आमंत्रित किया। पदामी ने तिरंगा फहराया, जिसके बाद राष्ट्रगान के बीच पुनर्वास केंद्र में मौजूद युवाओं ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी।
कार्यक्रम के दौरान आत्मसमर्पित युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर देश की एकता, शांति और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। पुलिस के अनुसार पुनर्वास नीति के तहत हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटे युवाओं को सम्मानजनक जीवन और रोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
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