नारायणपुर , अगस्त 25 -- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में मंगलवार को 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत किशोरियों को आत्मरक्षा, महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 440 बालिकाओं ने हिस्सा लिया।
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार और जिला कार्यक्रम अधिकारी लुपेंद्र महिनाग के मार्गदर्शन में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बंगलापारा तथा स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महावीर चौक में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना एवं मिशन शक्ति की जेंडर विशेषज्ञ वीणा नेताम ने छात्राओं को महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, बालिका शिक्षा और महिलाओं के अधिकारों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, आत्मनिर्भर बनने और समाज में समान अवसरों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मास्टर ट्रेनर प्रेमलाल नाग ने किशोरी बालिकाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक एवं उपयोगी कौशलों का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान विषम और आपात परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने, आत्मविश्वास बनाए रखने, सही शारीरिक मुद्रा अपनाने, त्वरित प्रतिक्रिया देने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित तरीके से बचाव करने के उपाय बताए गए।
प्रशिक्षण में बालिकाओं को बताया गया कि किसी संदिग्ध अथवा विपरीत परिस्थिति में घबराने के बजाय साहसपूर्वक सहायता मांगना, आसपास के लोगों को सचेत करना और तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर जाना चाहिए। इसके साथ ही डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं और युवतियों को जागरूक, सशक्त, सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनमें आत्मविश्वास विकसित करना था। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण में भाग लेकर आत्मरक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं।
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