हनुमानगढ़ , फरवरी 24 -- राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा तहसील में करीब आठ हजार बीघा भूमि को वन विभाग के नाम 'डिम्ड फॉरेस्ट' घोषित करने के फैसले का भारतीय किसान संघ ने विरोध किया है।

भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि इस फैसले से करीब 500 किसान सीधे प्रभावित होंगे, जिनकी निजी खातेदारी जमीन इन खसरों के बीच बिखरी हुई है। किसान संघ ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि किसानों के हितों को देखते हुए इस निर्णय को तुरंत बदल दिया जाये, वरना भविष्य में बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है।

पदाधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित क्षेत्र में किसानों की निजी भूमि भी शामिल है। अधिकतर किसान छोटी जोत वाले हैं और उनकी पूरी परिवार की रोजी-रोटी इसी कृषि भूमि पर निर्भर है। अगर इस पूरे क्षेत्र को वन क्षेत्र घोषित कर दिया गया तो किसानों को कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। खेतों तक पहुंचने वाले रास्ते बंद हो सकते हैं, विद्युत लाइनें प्रभावित होंगी, सिंचाई की व्यवस्था ठप हो जाएगी और तारबंदी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पाएंगी। साथ ही आवारा पशुओं की समस्या और बढ़ जाएगी, जिससे फसलों को भारी नुकसान होगा।

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