पटना , मई 29 -- सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कौशल विकास योजना के तहत वर्ष 2018 से अब तक 5,413 युवाओं को विभिन्न ट्रेड्स में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कौशल विकास योजना चलाई जा रही है।

योजना के तहत वर्ष 2018 से अब तक पांच हजार 413 युवाओं ने विभिन्न आधुनिक ट्रेड्स में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त किया है। योजना का उद्देश्य ओबीसी (पिछड़ा वर्ग) और ईबीसी (अतिपिछड़ा वर्ग) के युवा-युवतियों को रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्लंबिंग, इलेक्ट्रीशियन, कंप्यूटर एप्लीकेशन, ब्यूटी कल्चर, फैशन डिजाइनिंग, मशीनरी ऑपरेशन, वेल्डिंग, ड्राइविंग समेत कई उद्योग-उन्मुखी ट्रेड्स शामिल हैं।

प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण और इंटर्नशिप का भी पूरा अवसर दिया जा रहा है, जिससे वे प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सीधे रोजगार प्राप्त कर सकें। सरकार की इस पहल को युवाओं में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। योजना न केवल बेरोजगारी घटाने में मदद कर रही है, बल्कि समाज के पिछड़े तबके को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

विभाग के अनुसार, योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भविष्य में प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ाने और नए ट्रेड्स शामिल किया जायेगा।

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