राजगढ़ , सितंबर 16 -- मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में जिला चिकित्सालय सहित विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं दे रहे चतुर्थ श्रेणी, सपोर्ट स्टाफ, सफाईकर्मी, डाटा एंट्री ऑपरेटर सहित अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी का मामला सामने आया है। जिसको लेकर कर्मचारी पिछले दिनों जिला कलेक्ट्रेड पर ज्ञापन देने भी पहुँचे थे।

वही आउटसोर्सिंग एजेंसियों एवं ठेकेदारों का कहना है कि भुगतान में देरी के लिए केवल सेवा प्रदाता एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है, बल्कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय में लंबित देयक और बजट आवंटन में देरी भी इसका कारण है।

आउटसोर्सिंग एजेंसियों एवं ठेकेदारों के अनुसार सीएमएचओ कार्यालय में जमा कराए गए आउटसोर्स कर्मचारियों से संबंधित कई देयक करीब आठ माह से लंबित हैं। उनका कहना है कि बिल जमा होने के बावजूद राज्य स्तर से जिला स्तर पर बजट आवंटन और राशि जारी होने में देरी का असर भुगतान व्यवस्था पर पड़ रहा है। एजेंसियों के अनुसार शासन स्तर से बजट उपलब्ध नहीं होने पर जिला स्तर पर लंबित देयकों का भुगतान भी प्रभावित होता है।

सेवा प्रदाता एजेंसियों का दावा है कि विभाग से लंबे समय तक भुगतान नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने कर्मचारियों का वेतन जारी रखने का प्रयास किया। एजेंसी प्रतिनिधियों के मुताबिक अप्रैल माह तक कर्मचारियों के वेतन का भुगतान रिजर्व फंड से किया गया। उनका कहना है कि लगातार कई महीनों तक सरकारी भुगतान लंबित रहने से अब एजेंसियों की वित्तीय क्षमता भी प्रभावित हो रही है।

वही भुगतान में देरी का असर आउटसोर्स कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है। कर्मचारियों के अनुसार वे सीमित मासिक आय पर परिवार का खर्च चलाते हैं और वेतन नहीं मिलने से बच्चों की फीस, राशन, किराया, बिजली बिल सहित अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि वे अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित रूप से सेवाएं दे रहे हैं, इसलिए उनके मानदेय का भुगतान समय पर किया जाना चाहिए। कर्मचारियों द्वारा वेतन नहीं मिलने की जानकारी कलेक्टर को भी कई बार दी जा चुकी है। कर्मचारियों की माने तो रक्षाबंधन के त्यौहार पर वह अपने वेतन का इंतजार करते रहे लेकिन वेतन न मिलने से त्यौहार फीका रहा।

आउटसोर्सिंग एजेंसियों एवं ठेकेदारों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से सीएमएचओ कार्यालय में लंबित सभी आउटसोर्स देयकों की समीक्षा कर शीघ्र निराकरण की मांग की है। उन्होंने ऐसी समयबद्ध व्यवस्था बनाने की मांग की है, जिससे भविष्य में बजट या प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण कर्मचारियों का वेतन लंबे समय तक प्रभावित न हो।

एजेंसियों का कहना है कि विभाग की ओर से लंबित बिलों का भुगतान जारी किए जाने पर बकाया वेतन कर्मचारियों को देने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जा सकती है। कर्मचारियों और सेवा प्रदाता एजेंसियों की नजर अब लंबित भुगतानों के निराकरण पर है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित