भोपाल , मई 18 -- आकाश प्रेमियों को 19 और 20 मई की शाम एक अद्भुत खगोलीय नजारा देखने को मिलेगा, जब चंद्रमा का अंधेरा हिस्सा भी पृथ्वी की परावर्तित रोशनी से चमकता दिखाई देगा। इस घटना को "अर्थशाइन", "दा विंची ग्लो" अथवा "अशेन ग्लो" कहा जाता है।
नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि इन दो दिनों में हंसियाकार चंद्रमा के दौरान सूर्य की किरणें पहले पृथ्वी के बादलों और महासागरों से परावर्तित होकर चंद्रमा के अंधेरे हिस्से पर पड़ेंगी। इसके कारण चंद्रमा का अप्रकाशित भाग भी हल्की लेकिन स्पष्ट रोशनी के साथ दिखाई देगा।
उन्होंने बताया कि यह दृश्य ऐसा प्रतीत होगा मानो चंद्रमा ने चमकदार मुकुट पहन रखा हो। अप्रैल और मई के महीनों में उत्तरी गोलार्ध में पृथ्वी की चमक अधिक होने के कारण अर्थशाइन सबसे अधिक स्पष्ट और चमकीला दिखाई देता है।
सारिका घारू ने कहा कि इस खगोलीय घटना का रोमांच उस समय और बढ़ जाएगा जब शाम के आकाश में चंद्रमा के साथ चमकीले ग्रह बृहस्पति और शुक्र भी दिखाई देंगे। उन्होंने बताया कि इस नजारे को देखने के लिए किसी दूरबीन या टेलिस्कोप की आवश्यकता नहीं है। सूर्यास्त के लगभग आधे घंटे बाद पश्चिम दिशा में इसे खुली आंखों से आसानी से देखा जा सकता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित