उदयपुर , सितंबर 26 -- केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भारतीय संस्कृति और सनातन सभ्यता में हर बार गिरकर वापस खड़े होने की अद्भुत सामर्थ्य बताते हुए कहा है कि इसी अदम्य अपराजित आत्मा और स्वाभिमान के बल पर भारत ने बीते दो हजार वर्षों के दौरान अनगिनत विदेशी आक्रमणों को सहने के बाद भी अपनी पहचान को अक्षुण्ण रखा है।
श्री शेखावत शनिवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के तहत संचालित प्रताप गौरव केन्द्र 'राष्ट्रीय तीर्थ' में चल रहे 'दिवेर विजय महोत्सव' के समापन समारोह में मुख्य अतिथि रुप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि दिवेर केवल एक युद्ध या सैन्य घटना मात्र नहीं था, बल्कि यह सनातन की पुनर्प्रतिष्ठा का अमर उद्घोष और वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के पराक्रमी पुनरुत्थान का ऐतिहासिक प्रतीक था।
उन्होंने पूर्ववर्ती राजनीतिक कालखंड पर कहा कि आजादी के बाद के 60 वर्षों में भारत के स्वर्णिम इतिहास को साजिशन बेहद विकृत तरीके से पेश किया गया। हल्दीघाटी से लेकर दिवेर की महाविजय तक, इतिहासकारों ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर महापुरुषों के पराक्रम को दरकिनार किया। जब किसी राष्ट्र की स्मृति को दूषित और स्वाभिमान को आहत किया जाता है तो आने वाली पीढ़ियों का आत्मविश्वास डगमगा जाता है। सत्य का स्मरण करना ही समाज और देश के आत्मविश्वास का पोषण करता है।
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