लखनऊ , अगस्त 15 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को अपने सरकारी आवास पांच, कालिदास मार्ग पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आजादी का अर्थ केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, अशिक्षा और असमानता से पूर्ण मुक्ति भी है।
ध्वजारोहण के उपरांत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, राष्ट्रनायकों तथा देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारत को 1947 में लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान के बाद स्वतंत्रता प्राप्त हुई। देश के वीर सपूतों की तपस्या और बलिदान के कारण आज प्रत्येक भारतीय स्वतंत्र वातावरण में जीवन जी रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत कभी भी मानसिक रूप से गुलामी को स्वीकार नहीं कर पाया और विभिन्न कालखंडों में देशभर में स्वतंत्रता के लिए संघर्ष जारी रहा। उन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का उल्लेख करते हुए मंगल पांडेय, रानी लक्ष्मीबाई और धनसिंह कोतवाल जैसे सेनानियों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि उस दौर में पूरे देश में विदेशी दासता से मुक्ति का एक ही संकल्प दिखाई देता था।
योगी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि संपूर्ण स्वतंत्रता के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नागरिक कर्तव्यों के निर्वहन की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता को दीर्घकाल तक सुरक्षित रखने के लिए 140 करोड़ देशवासियों को जाति, वर्ग और संप्रदाय से ऊपर उठकर अपने-अपने क्षेत्र में योगदान देना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के समय देश जिन चुनौतियों जैसे अशिक्षा, गरीबी, पिछड़ेपन और असमानता से जूझ रहा था, उनमें से अनेक समस्याओं का समाधान पिछले आठ दशकों में हुआ है। उन्होंने कहा कि बहुआयामी गरीबी से 25 करोड़ लोग बाहर निकले हैं, शिक्षा का विस्तार हुआ है और सरकारी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव समाज के सभी वर्गों तक पहुंचा है। साथ ही विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना के विकास से आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को कमजोर करने वाली ताकतों के प्रति सतर्क रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गरीब, युवा, महिला और किसान को केंद्र में रखकर बनाई गई योजनाओं के कारण पिछले वर्षों में व्यापक परिवर्तन देखने को मिले हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर व्यवस्था से योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचा है, जबकि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि देश में नए मेडिकल कॉलेजों, एम्स, आधुनिक परिवहन नेटवर्क, मेट्रो, रैपिड रेल, वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत जैसी परियोजनाओं ने विकास को नई गति प्रदान की है। भारत आज विभिन्न क्षेत्रों में नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. भीमराव आंबेडकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्वतंत्र भारत की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा में बलिदान देने वाले जवानों को भी नमन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस के इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को भी बधाई दी तथा विश्वास व्यक्त किया कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में सभी नागरिक अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
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