रामपुर , मई 23 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शहर विधायक आकाश सक्सेना ने कहा है कि दो पैन कार्ड मामले में अदालत द्वारा समाजवादी पार्टी (सपा) नेता आजम खां की सजा बढ़ाने का फैसला देशभर के अपराधियों के लिए नजीर साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न्यायपालिका की निष्पक्षता और कानून के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

गौरतलब है कि भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने 6 दिसंबर 2019 को रामपुर के सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए थे। एक दस्तावेज में उनकी जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 जबकि दूसरे में 30 सितंबर 1990 दर्शाई गई थी। आरोप यह भी लगाया गया था कि चुनाव लड़ने की पात्रता हासिल करने के लिए दस्तावेजों में हेरफेर किया गया।

इस मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया था। लंबे समय तक चले ट्रायल के बाद रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 17 नवंबर 2025 को फैसला सुनाते हुए आजम खां और अब्दुल्ला आजम दोनों को दोषी करार दिया था। अदालत ने दोनों को सात-सात वर्ष के कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। फैसले के बाद दोनों को अदालत से ही हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया था।

बाद में आजम खां की ओर से सत्र अदालत में अपील दायर की गई, लेकिन अप्रैल 2026 में अदालत ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। अब एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट द्वारा सजा बढ़ाए जाने के फैसले के दौरान भाजपा विधायक आकाश सक्सेना भी अदालत में मौजूद रहे।

आकाश सक्सेना ने कहा कि अदालत द्वारा आजम खां की सजा सात वर्ष से बढ़ाकर दस वर्ष करना और पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाना यह स्पष्ट संदेश देता है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन लोगों के लिए बड़ी सीख है, जो निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए नियमों और कानूनों की अनदेखी करते हैं।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका की निष्पक्षता और कानून का सम्मान ही व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है तथा यह फैसला उसी विश्वास को और मजबूत करता है।

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