आजमगढ़ , जुलाई 27 -- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से फर्जी दस्तावेज तैयार करने में प्रयुक्त सामग्री, एक ब्रेजा कार, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है।

अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन ने सोमवार को बताया कि थाना रानी की सराय पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग स्थित कोटिला कट के पास से गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लालू उर्फ राकेश कुमार निवासी सेलीबेली, थाना बासोपट्टी, जिला मधुबनी (बिहार), दिनेश कुमार गुप्ता निवासी ग्राम डेहरी, पोस्ट कोटवारी, थाना रसड़ा, जिला बलिया तथा धर्मेन्द्र गुप्ता निवासी ग्राम मन्दा, थाना रसड़ा, जिला बलिया के रूप में हुई है।

उन्होंने बताया कि आरोपी स्वयं को नौकरी दिलाने वाला एजेंट बताकर बेरोजगार युवाओं से मोटी रकम वसूलते थे। इसके बाद वे अभ्यर्थियों के नाम पर फर्जी पुलिस सत्यापन रिपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र तथा अन्य कूटरचित सरकारी दस्तावेज तैयार कर उन्हें नौकरी दिलाने का झांसा देते थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, 11 मोहरें, इंकपैड, पुलिस सत्यापन प्रपत्र, विभिन्न फर्जी दस्तावेज, एक ब्रेजा कार, 5,360 रुपये नकद तथा फर्जी दस्तावेज तैयार करने में प्रयुक्त अन्य सामग्री बरामद की है।

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध दर्ज मुकदमे में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और इस ठगी का शिकार हुए संभावित पीड़ितों की पहचान के लिए जांच जारी है।

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