आजमगढ़ , अक्टूबर 23 -- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में बिना वैध पंजीकरण के संचालित निजी चिकित्सालयों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। बिलरियागंज और बिंद्रा बाजार में औचक निरीक्षण के दौरान दो अस्पतालों को सील कर दिया गया, जबकि तीन अन्य चिकित्सा प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। कार्रवाई से अवैध रूप से संचालित चिकित्सा प्रतिष्ठानों में हड़कंप मचा है। आजमगढ़ के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बिलरियागंज और बिंद्रा बाजार में निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। उप मुख्य चिकित्साधिकारी एवं निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानों के नोडल अधिकारी डॉ. मोहनलाल तथा पटल सहायक धीरेन्द्र शुक्ल की टीम ने जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने पर दो अस्पतालों को सील कर दिया, जबकि तीन अन्य को नोटिस जारी किया।
निरीक्षण में श्री साईंनाथ चाइल्ड केयर, बिलरियागंज बिना पंजीकरण के संचालित मिला। यहां पांच बेड की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) संचालित थी और एक मरीज भर्ती था। मरीज की सुरक्षा को देखते हुए उसे निकटवर्ती राजकीय चिकित्सालय में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद अस्पताल को सील कर दिया गया। वहीं, जनसेवा नर्सिंग होम, बिलरियागंज भी अपंजीकृत मिलने पर सील किया गया। निरीक्षण के समय वहां कोई मरीज भर्ती नहीं था।
इसके अलावा मां मुखराजी चिकित्सालय और रमा हड्डी अस्पताल, बिंद्रा बाजार को पंजीकरण संबंधी अनियमितताओं पर नोटिस जारी किया गया। बिलरियागंज स्थित सृष्टि चिकित्सालय में चार से पांच बेड मिले, लेकिन मौके पर न तो मरीज था और न ही संचालक मौजूद था। इस प्रतिष्ठान को भी नोटिस जारी कर जांच शुरू की गई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना वैध पंजीकरण के चिकित्सा प्रतिष्ठानों का संचालन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मरीजों की सुरक्षा और निर्धारित चिकित्सा मानकों के पालन को लेकर अभियान लगातार जारी रहेगा। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि निजी अस्पतालों में इलाज कराने से पहले उनके पंजीकरण और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की पुष्टि अवश्य करें।
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