आजमगढ़ , अक्टूबर 29 -- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के दीवानी अदालत ने रानी की सराय थाना क्षेत्र के रूदरी गांव में दशहरे के दिन हुए दोहरे हत्याकांड में करीब 19 साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-एक ने दो लोगों की हत्या के मामले में नौ दोषियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 74 हजार रुपये जुर्माना लगाया। वहीं, इसी घटना से जुड़े क्रॉस केस में पांच आरोपियों को पांच-पांच साल की कैद और प्रत्येक पर 29 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। लंबे समय से चल रहे इस मुकदमे में सोमवार को दोषसिद्धि के बाद गुरुवार को सजा का ऐलान हुआ। सहायक शासकीय अधिवक्ता गोपाल पांडे के अनुसार, रानी की सराय थाना क्षेत्र के रूदरी गांव निवासी रामजन्म सिंह 21 अक्टूबर 2007 को दशहरे के दिन सुबह करीब नौ बजे अपने दरवाजे पर बैठे थे। इसी दौरान गांव के प्रधान विपिन सिंह, राजेश सिंह, चुन्नू उर्फ रणविजय, बलवंत सिंह, राधेश्याम सिंह, छोटू उर्फ पंकज, लोकनाथ सिंह, अरविंद सिंह, जीवन प्रकाश और शिवदास सिंह हथियारों से लैस होकर वहां पहुंच गए।

आरोप है कि विपिन सिंह के ललकारने पर हमलावर उत्तर दिशा की ओर भागे। इसी दौरान विपिन सिंह ने तालुकदार सिंह को गोली मार दी, जबकि राजेश सिंह ने पारसनाथ सिंह को गोली मार दी। अन्य आरोपियों ने रामजन्म सिंह, उनके भतीजे अंकित सिंह और आशीष पर लाठी-डंडों से हमला किया। गोली लगने से तालुकदार सिंह और पारसनाथ सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।

मामले में पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी राधेश्याम सिंह की मृत्यु हो गई।

मुकदमे में अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गोपाल पांडेय तथा विंध्यवासिनी प्रसाद सिंह की ओर से कुल 23 गवाहों को न्यायालय में पेश किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मौजूदा समय मे रानी की सराय के ब्लाक प्रमुख विपिन सिंह,के अलावा राजेश सिंह, चुन्नू उर्फ रणविजय सिंह, बलवंत सिंह, छोटू उर्फ पंकज, लोकनाथ सिंह, अरविंद सिंह, जीवन प्रकाश और शिवदास सिंह को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक दोषी पर 74 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।

इसी घटना के संबंध में गांव के प्रधान विपिन सिंह की ओर से भी कातिलाना हमले का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में आरोप लगाया गया था कि रामदरस, आशीष सिंह, अंकित सिंह, दीपक सिंह और रामजन्म सिंह ने उनके समर्थक बलवंत सिंह तथा अरविंद सिंह के साथ मारपीट की और असलहों से फायरिंग की। आरोप के मुताबिक, इस दौरान विपिन सिंह के पैर में गोली लगी थी ।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित