आजमगढ़ , फरवरी 19 -- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में 500 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में थाना कंधरापुर पुलिस ने दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई संगठित आर्थिक अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे 'जीरो टॉलरेंस' अभियान के तहत की गई। मामले का खुलासा अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) विवेक त्रिपाठी ने गुरुवार को किया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान विजय कुमार यादव (55), निवासी श्रावस्ती, तथा अविराज शर्मा (21), निवासी लखनऊ के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार दोनों अभियुक्तों ने 'अविराज ट्रेडिंग कंपनी' के नाम से एक फर्जी फर्म पंजीकृत कराई थी। इसके लिए पैन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य व्यक्तिगत दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया। विभागीय जांच में यह फर्म पूरी तरह कूटरचित पाई गई। अभियुक्तों ने बिना किसी वास्तविक व्यापार के कागजी लेनदेन दिखाते हुए भारी मात्रा में माल की खरीद-बिक्री दर्शाई और इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत लाभ उठाकर सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया।
जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के विश्लेषण में पाया गया कि विजय कुमार यादव घटना के समय कई अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के संपर्क में था, जो इस बड़े आर्थिक नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और संबंधित बैंक खातों की जांच कर रही है।
प्रकरण की पृष्ठभूमि बताते हुए एएसपी ने कहा कि 3 सितंबर 2025 को राज्य कर विभाग की टीम ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निकट दो वाहनों को जांच के लिए रोका था, जिनमें आयरन स्क्रैप लदा था। जांच में कूटरचित इनवॉयस और ई-वे बिल के माध्यम से अस्तित्वहीन फर्मों के नाम पर माल का परिवहन पाया गया, जो जीएसटी अधिनियम-2017 की धारा 31 सहपठित नियम 46 एवं ई-वे बिल नियम 138 का उल्लंघन तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह का नेटवर्क केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि हरियाणा, छत्तीसगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों तक फैला हुआ था। जिन फर्मों की संलिप्तता पाई गई, उनमें सर्वश्री विद्या ट्रेडर्स (रायपुर), सर्वश्री अविराज ट्रेडिंग (शिमला) और श्री मुनि जी ट्रांसपोर्ट कंपनी (पटना) शामिल हैं।
थाना कंधरापुर में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। करीब चार माह की जांच, साक्ष्य संकलन और तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी।
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