हरिद्वार , अक्टूबर 14 -- उत्तराखंड में हरिद्वार के पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण नवरात्र के नौ दिवसीय अनुष्ठान के बीच प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में खेती की नई संभावनाएं तलाशने में जुटे हैं। बुधवार को पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर ब्लॉक स्थित मालागांव के श्री धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड में उन्होंने दुर्गम रास्तों और पथरीली जमीन का निरीक्षण कर उसे खेती योग्य बनाने तथा किसानों के लिए आजीविका के नए विकल्प विकसित करने की पहल की है।

आचार्य बालकृष्ण के नेतृत्व में यहां लगभग 40 प्रजातियों की 100 से अधिक किस्मों के फलदार वृक्षों और औषधीय पौधों पर प्रयोग किए जा रहे हैं। इनमें आम, अमरूद, अंजीर, कटहल, आड़ू, खुबानी, नींबू, माल्टा, संतरा, अनार, लेमनग्रास, हल्दी और सर्पगंधा सहित कई प्रजातियां शामिल हैं। ड्रैगन फ्रूट और मिश्रित खेती की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि जब तक पथरीले मार्ग पर स्वयं नहीं चलेंगे, तब तक उसे सुगम बनाने की संभावनाओं को नहीं समझा जा सकता। इस पहल को 'बिफोर एंड आफ्टर' सीरीज के रूप में दर्ज किया जा रहा है, ताकि कार्य से पहले और बाद की स्थिति के जरिए जमीन में हुए बदलावों को सामने लाया जा सके।

आचार्य बालकृष्ण ने पहाड़ों से हो रहे पलायन पर चिंता जताते हुए कहा कि गांवों को आबाद रखने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के साधन विकसित करना जरूरी है।

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