आगर-मालवा , जनवरी 23 -- महिलाओं को साक्षर बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से आगर-मालवा जिले में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी निरक्षर महिलाओं को साक्षर करने हेतु आजीविका मिशन एवं राज्य शिक्षा केंद्र के समन्वय से शुक्रवार से जिले में "अक्षरा" अभियान की शुरुआत की गई।

अभियान के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी साक्षर महिलाएं अब "अक्षर साथी" की भूमिका निभाते हुए अपनी सहयोगी निरक्षर महिलाओं को पढ़ाने का कार्य करेंगी। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर जिले के विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर महिलाओं ने मां सरस्वती के पूजन के पश्चात स्वयं का नाम लिखकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की।

कार्यक्रमों के दौरान अक्षर साथी महिलाओं द्वारा सहयोगी महिलाओं को अक्षर ज्ञान के प्रति प्रेरित किया गया तथा उन्हें साक्षर बनने का संकल्प दिलाया गया। इस अभियान को "अक्षरा-शिक्षा से बदलाव की शुरुआत" नाम दिया गया है, जिसे शिक्षा विभाग के उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित किया जाएगा। जिले में आयोजित कार्यक्रमों में आजीविका मिशन के दल सदस्यों, राज्य शिक्षा केंद्र के प्रतिनिधियों एवं स्थानीय शिक्षकों की उपस्थिति रही।

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